(फाइल फोटो)
Delhi Rain News Today: दिल्ली-एनसीआर में शनिवार (9 अगस्त) सुबह आसमान से आफत बरसी. रातभर हुई तेज बारिश ने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया और सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं. जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली और पूरे दिल्ली एनसीआर में मौसम सुहावना हो गया.
वहीं, दूसरी तरफ जलजमाव और भारी ट्रैफिक जाम ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दीं. राजधानी के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं और मौसम विभाग ने दिनभर के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है. देर रात से शुरू हुई बारिश अभी तक जारी है. एक्सपर्ट की मानें तो बारिश से दिल्ली के प्रदूषण में सुधार हो सकता है.
राजधानी के कई इलाकों में जलजमाव
तेज बारिश के कारण शास्त्री भवन, आरके पुरम, मोती बाग और किदवई नगर समेत कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. पंचकुइयां मार्ग, मिंटो रोड और मथुरा रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया है. यहां तक कि भारत मंडपम के गेट नंबर 7 पर भी पानी भरने की सूचना मिली है.
दिल्ली में रेड अलर्ट, NCR में भी खतरे की घंटी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. साथ ही गाजियाबाद में रेड और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में येलो अलर्ट घोषित किया गया है. इसका मतलब है कि इन इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज के साथ तेज हवाओं की संभावना है.
हरियाणा में भी बारिश की चेतावनी
केंद्रीय राजधानी से सटे पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी बारिश की फुहारों से मौसम सुहावना हो गया. हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां मध्यम से भारी बारिश के साथ तूफान की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग ने सोहना, नूंह, रोहतक, सोनीपत और औरंगाबाद जैसे क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई है.
हिमाचल में भी बारिश का अलर्ट
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है. यहां बीते एक हफ्ते से जारी बारिश पर गुरुवार को कुछ राहत मिली थी, लेकिन उसके बाद फिर बारिश शुरू हो गई. हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों के लिए 11 और 12 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है. अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश जारी रह सकती है.
कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, दिनभर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होती रहेगी,
IMD ने सोशल मीडिया पर भी चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की जानकारी लगातार चेक करते रहें. प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और रेस्क्यू टीमें सतर्क हैं.
देश दुनिया की लेटेस्ट खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें https://bindaasboldilse.com/
फाइल फोटो
Delhi August Rainfall: दिल्ली और उत्तर भारत में इस बार अगस्त महीने में लगातार हो रही बारिश ने लोगों को चौंका दिया है. सड़कों पर जलभराव, पहाड़ों में भूस्खलन और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति ने हालात को गंभीर बना दिया है. आमतौर पर अगस्त तक बारिश कम हो जाती है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज अलग ही दिखाई दे रहा है. आखिर क्यों हो रही है इतनी बारिश और क्यों पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं आम हो गई हैं?
मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि इन सबके पीछे मुख्य कारण क्लाइमेट चेंज है. उन्होंने कहा कि धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे वातावरण में नमी और गरजने वाले बादलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. पहले जहां तीन-चार दिन तक हल्की-हल्की बारिश होती थी, अब वही बारिश 4 से 6 घंटे में ही हो जाती है. यही वजह है कि बादल फटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और भविष्य में यह खतरा और गंभीर हो सकता है.
ग्लोबल वार्मिंग और दिल्ली की स्थिति
ग्लोबल वार्मिंग का असर दिल्ली-NCR पर भी साफ दिखाई दे रहा है. यहां तेजी से खेत और जंगल खत्म होते जा रहे हैं. डेवलपमेंट के नाम पर हो रही निर्माण गतिविधियों और प्रदूषण ने मौसम का संतुलन बिगाड़ दिया है. इस साल दिल्ली में सामान्य से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा बारिश हुई है. मानसून काफी एक्टिव रहा और अचानक भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं.
राजस्थान में बाढ़ और फसल बर्बादी
राजस्थान का हाल भी कुछ अलग नहीं है. मानसून की शुरुआत में वहां बारिश न होने से करीब 50 फीसद फसल खराब हो गई थी लेकिन अब जब बारिश हो रही है तो इतनी तेज हो रही है कि बची हुई फसलें भी बर्बाद हो रही हैं. यानी किसानों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा उठाना पड़ रहा है.
देशभर में बदला मानसून का पैटर्न
महेश पलावत के अनुसार, इस बार पूरे देश में सामान्य से लगभग 4 फीसद ज्यादा बारिश हुई है. पिछले एक दशक से मानसून का पैटर्न बदल रहा है. पहले बारिश धीरे-धीरे होती थी जिससे पानी जमीन में समा जाता था, ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता था और फसलों को फायदा मिलता था लेकिन अब हालात बिल्कुल उलट हो गए हैं. झमाझम बारिश कुछ घंटों में ही हो जाती है, जिससे जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं आम हो गई हैं.
समाधान क्या हो सकता है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस पानी को सही तरीके से संचित किया जाए तो यह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है लेकिन मौजूदा हालात में भारी बारिश से ज्यादा नुकसान हो रहा है. बढ़ते तापमान, ग्लोबल वार्मिंग और अनियंत्रित विकास ने मौसम का संतुलन बिगाड़ दिया है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती है.
फाइल फोटो
Delhi Weather Today: भारत में मॉनसून की बारिश का सिलसिला फिलहाल कई हिस्सों में जारी है. महाराष्ट्र से लेकर मेघालय तक झमाझम बारिश हो रही है, जबकि असम और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार तेज बरसात लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. वहीं, दूसरी ओर उत्तर भारत के कई राज्यों में अभी भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों को लेकर अलग-अलग राज्यों के लिए ताजा अपडेट जारी किया है.
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में इस समय लोग उमस भरी गर्मी से जूझ रहे हैं. सुबह से लेकर दोपहर तक धूप तेज रहती है, हालांकि बीच-बीच में बादल भी छा जाते हैं लेकिन बारिश का इंतजार अभी भी जारी है. हल्की-फुल्की बूंदाबांदी जरूर हो रही है, लेकिन लगातार बारिश देखने को नहीं मिल रही. मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में 27 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है. फिलहाल, राजधानी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है. उमस और गर्मी के कारण लोग खासे परेशान हैं और बारिश ही उन्हें राहत दिला सकती है.
उत्तर प्रदेश का मौसम
उत्तर प्रदेश में भी हालात दिल्ली जैसे ही हैं. यहां भी पिछले करीब एक हफ्ते से लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान हैं. राजधानी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के जिलों में दिन के समय तापमान लगातार 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है. हालांकि, मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 25 अगस्त तक यूपी के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है. पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों में यह बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आएगी. खासकर पूर्वी यूपी में ज्यादा बरसात होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से निजात मिल सकेगी.
बिहार का मौसम
बिहार में भी मौसम का मिजाज दिल्ली और यूपी जैसा ही है. यहां के लोग पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी की मार झेल रहे हैं लेकिन आज यानी 23 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि इस बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है. राजधानी पटना, भागलपुर, दरभंगा, गया और सीमांचल के जिलों में आज अच्छी बारिश होने की उम्मीद है.
राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राजस्थान के भी कुछ जिलों में तेज बरसात हो सकती है. यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रहेगी.
पहाड़ी राज्यों में लगातार बरसात
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले सात दिनों तक तेज बरसात की संभावना जताई गई है. यहां पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और नदियों में पानी बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है.
फाइल फोटो
Delhi Weather Update: शनिवार को दिल्ली में हुई मध्यम से तेज बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत भी दी और परेशानी भी. एक तरफ गर्मी से परेशान लोगों ने मौसम का मज़ा लिया, वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, रविवार को भी गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
कितनी हुई बारिश?
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग वेदर स्टेशन पर शाम 5:30 बजे तक 24.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. लोधी रोड पर 27 मिमी पानी बरसा. पालम इलाके में 16.5 मिमी बारिश हुई. बारिश के चलते शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम था. वहीं न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रहा.
जलभराव और ट्रैफिक जाम से बढ़ी मुश्किलें
बारिश के कारण उत्तर, मध्य, दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में पानी भर गया. निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ा. लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को उनके कंट्रोल रूम में कम से कम 10 जलभराव की शिकायतें मिलीं. अधिकांश मामलों में एक घंटे के भीतर पानी निकाल दिया गया, लेकिन लोगों को तब तक जाम और परेशानी झेलनी पड़ी.
मौसम विभाग की चेतावनी
आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि भारी बारिश और तेज हवाओं से यातायात जाम और सड़कों पर फिसलन हो सकती है. बागानों और खेतों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं. कच्चे मकान, झुग्गी-झोपड़ियां और कमजोर दीवारें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि जहां तक संभव हो, घर के अंदर ही रहें. खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के तारों से दूर रहें. जलभराव वाले इलाकों और खुले विद्युत पोल के पास खड़े न हों.